डीग  जल महल

Balram , Ammi , Suresh inside the Deeg fort Bharatpur
Balram -Suresh
Invisible Bond are the strongest
Balram , Ammi , Suresh inside the Deeg fort Bharatpur
A tripod of friendship
Suraj Mal - KIng of Bharatput
Ruler of Bharatpur
Balram - the explorer
On the way

 तिथि: 30 जुलाई, 2026

आज का दिन हम तीनों दोस्तों – बलराम, अमित और सुरेश – के लिए अविस्मरणीय रहा। सुबह-सवेरे हमने  डीग जल महल, भरतपुर देखने का प्लान बनाया। पहुंचते ही इसकी भव्यता ने हमें मंत्रमुग्ध कर दिया। जलाशय के बीचों-बीच बना यह महल जाट वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है, जिसे भरतपुर के जाट राजाओं ने बनवाया था। हमने वहां खूब फोटो खिंचवाए – कुछ हंसी-मजाक वाले, तो कुछ फिल्मी अंदाज में।

डीग का किला भी कम रोचक नहीं था, और यह भी भरतपुर के जाट शासकों की ही देन है। इसकी विशाल दीवारें और बुर्ज हमें सदियों पीछे ले गए। सुरेश को तो इतिहास से इतना लगाव है कि वह हर कोने के बारे में जानकारी ले रहा था।

फिर हमने गोवर्धन की ओर रुख किया, जो यहाँ से मात्र 15 किलोमीटर दूर है। यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हुए हमें एक अलग ही शांति का अनुभव हुआ। यहाँ के मंदिरों की घंटियों की आवाज और भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

हालांकि, दिन के अंत तक हम बहुत थक गए थे। बलराम को तो पैरों में दर्द की शिकायत हो गई, लेकिन हँसी-मजाक और बचपन की यादों ने सारी थकान मिटा दी। गोवर्धन से वापस आते समय हमने ढाबे पर चाय-पकौड़े का आनंद लिया और आने वाली यात्राओं के प्लान बनाने लगे।

यह यात्रा भले ही छोटी थी, लेकिन इसने हमारी दोस्ती को नई ऊर्जा दे दी है।  डीग जल महल, भरतपुर की खूबसूरती, किले की वीरता और गोवर्धन की आस्था – तीनों अनुभवों ने मिलकर आज का दिन खास बना दिया। सच में, अच्छे दोस्तों के साथ हर जगह स्वर्ग जैसी लगती है!

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